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जग्गा जासूस मूवी रिव्यू, बॉक्स ऑफिस और कहानी पढ़े (नवभारत टाइम्स)

जगा जासूस मूवी रिलीज़ हो चुकी! रणवीर कपूर की सुपरहिट मूवी बर्फी के जैसा लोग बहूत उम्मीद कर रहे थे! लेकिन जगा जासूस बॉलीवुड में कुछ खाश नहीं कर पाई है! जगा जासूस मूवी रिव्यु, कहानी और बॉक्स ऑफिस के बारे में यहाँ पढ़े!

Monday, 17 July 2017

/ by Ravi Chaubey
टाइम्स ऑफ़ इंडिया: 2.5/5
नवभारत टाइम्स: 3/5
हिंदुस्तान टाइम्स: 3.5/5

विडियो: जग्गा जासूस मूवी का ट्रेलर
फिल्म जग्गा जासूस की शुरुआत में बजने वाली लाइनें 'सामने वाली सीट पर पैर न रखना, फेसबुक- वॉट्सऐप ऑफ रखना। म्यूजिकल कहानी है, दिल से बनाई है, दिल से सुनानी है' आपको इशारा दे देती है कि अब तीन घंटे आपको सारा ध्यान पर्दे पर फोकस करना होगा। वरना आप कुछ मिस कर देंगे। इससे पहले 'बर्फी' जैसी सुपरहिट फिल्म बना चुके अनुराग ने इस बार भी अलग अंदाज में म्यूजिकल सिनेमा रचा है, जिसे बनाने में उन्होंने अपनी जिंदगी के कई साल लगा दिए। 2014 में शुरू हुई इस फिल्म की शूटिंग बीते साल पूरी हुई। उसके बाद कई बार रिलीज़ डेट टलने के बाद आखिरकार 'जग्गा जासूस' रिलीज़ हो ही गई।

फोटो:बाए से दाए कटरीना कैफ और रणवीर कपूर
फिल्म एक अनाथ और हकले बच्चे जग्गा ( रणबीर कपूर) की कहानी है, जिसे एक हॉस्पिटल की नर्स ने पाला था। बचपन से जासूसी का शौक रखने वाले जग्गा की जिंदगी हॉस्पिटल में आए एक मरीज बादल बागची उर्फ टूटी-फ्रूटी (शाश्वत चटर्जी) से मिलकर बदल जाती है। वह न सिर्फ उसे गाकर अपनी बात बोलना सिखाता है, बल्कि उसे हॉस्पिटल से उसे अपने घर भी ले जाता है। दोनों हंसी-खुशी अपनी जिंदगी बिता रहे थे, लेकिन एक दिन पुलिस ऑफिसर सिन्हा ( सौरभ शुक्ला) उनके घर पर छापा मारता है। उसे देखकर बागची जग्गा को लेकर भाग जाता है और उसका ऐडमिशन मणिपुर के एक बोर्डिंग स्कूल में करा देता है। 
फोटो:रणवीर कपूर
दरअसल, कोलकाता के प्रफेसर बादल बागची का कनेक्शन 1995 में वेस्ट बंगाल के पुरुलिया में गिराए गए हथियारों से भी था, जिसकी वजह से वह दुनिया की नजरों से छिपता घूम रहा था, लेकिन वह जग्गा को हर साल अलग-अलग लोकेशन से उसके बर्थडे पर एक विडियो कसेट भेजना नहीं भूलता था, जिसमें वह उसे जिंदगी के फलसफे बताता था। अपनी स्कूलिंग के दौरान कई जासूसी केस सुलझाने वाले जग्गा की मुलाकात इसी दौरान खोजी पत्रकार श्रुतिसेन गुप्ता ( कटरीना कैफ) से होती है, जो कि एक मामले की खोजबीन के सिलसिले में वहां आई थी। अपने बैड लक की वजह से तमाम मुसीबतों में फंसने वाली श्रुति में जग्गा को अपने खोए हुए बाप की झलक दिखती है, इसलिए वह मुसीबत में फंसी श्रुति की मदद करता है।
फोटो:बाए से दाए रणवीर कपूर और कटरीना कैफ
अपने 18वें जन्मदिन पर जब जग्गा को अपने पापा की ओर से भेजी जाने वाली विडियो कसेट नहीं मिलती, तो वह बेचैन हो उठता है। इसी बीच उसे पता चलता है कि उसका बाप जिसे वह टूटी-फ्रूटी कहता है, वह असल में कोलकाता का प्रफेसर बादल बागची है। उसकी तलाश में वह कोलकाता पहुंच जाता है। वहां उसकी मुलाकात सिन्हा से होती है, जिससे उसे अपने खोए हुए पिता का सुराग मिलता है। इसके बाद खोजी दिमाग का जग्गा श्रुति की मदद अपने पिता को खोजने के मिशन पर निकल पड़ता है, जहां उसका मुकाबला हथियारों की स्मगलिंग करने वालों के बड़े गैंग से होता है, जिसे बागची दुनिया के सामने लाना चाहता था।

फोटो:निचे से ऊपर के तरफ कटरीना कैफ और रणवीर कपूर
जग्गा जासूस पूरी तरह रणबीर कपूर की फिल्म है, जिन्होंने 18 साल के बच्चे के रोल में कमाल की ऐक्टिंग की है। खासकर हकले के रोल में गाकर अपनी बात बताते वक्त वह अच्छे लगते हैं। वहीं जग्गा के बचपन का रोल करने वाला बच्चा भी बेहद क्यूट लगता है। हालांकि, फिल्म की शूटिंग के दौरान रणबीर और कैट का ब्रेकअप हो गया था, लेकिन फिल्म में दोनों की केमिस्ट्री बढ़िया है और उस पर ब्रेकअप का असर कतई नजर नहीं आता। बादल बागची के रोल में शाश्वत चटर्जी ने कमाल कर दिया। कटरीना कैफ ने अपने रोल को बखूबी निभाया है। वहीं सौरभ शुक्ला ने भी करप्ट पुलिस ऑफिसर के रोल में बढ़िया ऐक्टिंग की है। डायरेक्टर अनुराग बसु ने प्रीतम के खूबसूरत संगीत की मदद से जग्गा जासूस बनाई है, जो कि पौने तीन घंटे आपका एंटरटेनमेंट करती है और एक अलग दुनिया की सैर कराती है। अनुराग ने हथियार स्मगलिंग के सीरियस टॉपिक के बैकग्राउंड में मजेदार फिल्म बनाई है। यह एक अलग जॉनर की फिल्म है, जो कि बॉलिवुड की रूटीन मसाला फिल्मों से अलग है।

फोटो:बाए से दाए रणवीर कपूर और कटरीना कैफ
रणबीर के संवाद म्यूजिकल अंदाज में हैं, लेकिन वे बोझिल नहीं लगते। वहीं गाने भी फिल्म का हिस्सा लगते हैं। खासकर 'दिल उल्लू का पट्ठा' है और गलती से मिस्टेक फैन्स के बीच पहले से ही पॉपुलर हो चुके हैं। केपटाउन, थाईलैंड, मोरक्को और दार्जिलिंग की खूबसूरत लोकेशन पर रवि वर्मन की कमाल की सिनेमटॉग्रफी स्क्रीन पर आपको रोमांचित कर देती है। फैमिली फिल्म जग्गा जासूस के फर्स्ट हाफ में कटरीना कॉमिकल अंदाज में जग्गा की कहानी से रूबरू कराती हैं। वहीं सेकंड हाफ भी मजेदार है। हालांकि दो-सवा दो घंटे की फिल्मों के दौर में अनुराग फिल्म को थोड़ा एडिट करके इसे ढाई घंटे तक जरूर समेट सकते थे।
सूत्र: नवभारत टाइम्स

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